मूल्य और समर्थन प्राप्त करें

राजभाषा हिंदी जनवरी 2011

05/01/2011निगल रही थी रेत नदी का बूंद-बूंद पानी मैंने तब ये गीत लिखे हैं। जीभ जलाते बचपन देखे हृदय जलाते यौवन हारे थके बुढापे देखे अर्थी बिना कफ़न कटी-फटी दीवार�

Rajasthani Language Idioms and Phrases

इजगर पूछै बिजगरा कहा करत हो मिन्त। पड्या रहां हां धूल में हरी करते है चिंत॥ इज्जत की लहजत ही और हुवै है। इज्जत भरम की अर कमाई करम की।

बाल्साहित्य – बालकहानी

रेत पर केवल मेरे पैरों के निशान थे मन हुआ कि वापस लौट चलूं लेकिन कहानी? पिछले कई दिनों से मैं नई कहानी की खोज में था अब परिस्थितियां बन रहीं हैं इसलिए मै�

जीवन में साहित्य का महत्व प्रेमचंद

धुआँ और धूल छोडती प्राइवेट माफियाओं की बसें खनन माफियाओं के मिट्टी से लदे ट्रैक्टर भी चल रहे थे साइकिल मार्ग पर कारें खड़ी थीं और पैदल के लिए तो तिल भर �

सेतु साहित्य 2009

उत्कृष्ट अनूदित साहित्य की ब्लॉग पत्रिका मंगलवार 15 दिसंबर 2009 अनूदित साहित्य पंजाबी लघुकथा दोस्त गुरमेल सिंह चहल हिन्दी अनुवाद सुभाष नीरव आज सुबह

Indian Holocaust My Father`s Life and Time खाद्य महंगाई

गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक सब्जियों के दाम में सालाना स्तर पर 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह फल की कीमत 11 96 फीसदी दूध की 10 85 फीसदी और अंडे मांस और

माह की कविताएँ

चॉकलेट की बचपनी चाहत और फिर बाँबियों-झाड़ियों में से निकलते वे सांप भेड़िये और लकड़बग्घे मासूम गले पर खूनी पंजे देह की कुत्सित भूख में बज़बज़ाते

कविता

भगत सिंह और शिवाजी की कथाएँ रोज कहते हैं उन्ही की राह चलने पर सभी को टोकते हैं वो।। Post a Comment Read more Get link Facebook Twitter Pinterest Email Other Apps June 06 2016 अँधेरे में दिया बनने से मुझको रो

Hindi Story 2009

इब्राहीम आधी रात में अपने महल में सो रहा था। सिपही कोठे पर पहरा दे रहे थे। बादशाह का यह उद्देश्य नहीं था कि सिपाहियों की सहायता से चोरों और दुष्ट

समालोचन मेघ

बड़म्मा की मातृसत्तात्मक सख़्ती ने उसके नाम और होनी की ऐसी सांस्कारिक दीवार धूल से सनी उनकी जगह गन्ने का रस निकालने वाले कोल्हू आ गए दूध की डेरियां

चालीसा आरती और मंत्र

और किसी की आशा न मुझको सिर्फ भरोसा है तुम पर॥ अनुनय-विनय बहुत की उसने चरणों में धर के शीश। तब प्रसन्न होकर बाबा ने दिया भक्त को यह आशीश ॥ 'अल्ला भला करेग�

कविता

फिर तुझको काहे की बू है धूल चटाई तुमको जिसने हम थे कोई और नही है।। कल तक था भूभाग हमारा ननकाना और सिंध हमारा है बलूच पंजाब हमारा है सारा कश्मीर हमारा दुःख

डा सुधेश

आँखों की ज्योति मन्द न रहा पढ़ने का आनन्द अग जग को पढ़ता जो मेरा मन तो जवान है । कान सुनते हैं कम न रहा निन्दा का ग़म फ़िल्मी गीतों से वंचित मेरा मन तो जवान

इस ब्लॉग पर हिन्दी की चुनी हुई कहानियाँ उपन्यास और

फिर-फिर लौटेगा वह घर से दूर ठिठका खडा रह गया कदमों में बेपनाह झिझक आते वक्त सोचा था कम-अज-कम अपने वस्त्र तो बदल ही लेगा वह पर फिर लगा इ

इस ब्लॉग पर हिन्दी की चुनी हुई कहानियाँ उपन्यास और

गोधूली की धूल को मोटरों के धुँए को भी पार्क के किनारे पुष्पिताग्र कर्णिकार की आलोक-खची तन्वि रूप-रेखा को और दूर कचरा जलाने वाली कल की उद्दण्ड चिमनियों �

तस्वीर क्या बोले March 2013

बहती नदी के मानिंद संग हम चलते रहे सिर्फ निर्वाह के लिए साथ क्यों हम रहे चले हमकदम बन हमसाया से हम रहे ना कस्तूरी सी प्यास हो हमारे दरमियाँ अहसासों में भ�

प्रभव मंथन March 2018

हम अपने इस जीवन की कल्पना इन रेत के बनाए गए घरोंदों से कर सकते हैं। हम आजीवन मेहनत करके अपने और अपनों के लिए सुविधा के साजो सामान जुटाते हैं मँहगी-मँहगी

ओमप्रकाश कश्यप की बालकहनियां – बालकहानी

उस दिन जंगल और झील की सुरक्षा के लिए चालीस ग्रामीणों ने खुद का बलिदान दिया नदी बागान बावड़ियां धूल फांकने लगी थीं बादल तो तभी से रूठ चुके थे जब राजा �

के बारे में समाचार कोल्हू धूल और नदी की रेत

कोल्हू पे 250 x 1000

कोल्हू पत्थर हथौड़ा कोल्हू के साथ

कोल्हू मिलिंग मशीन का इस्तेमाल किया

एडमोंटन में बिक्री के लिए कोल्हू

कोल्हू प्रक्रिया पत्थर कोल्हू का इस्तेमाल किया

कोल्हू में 250 tph

चीन में कोल्हू मशीन है

दक्षिण एशिया में कोल्हू

नई में कोल्हू स्थिर कीमत

भारत में क्रशर प्लांट फोटो

बिक्री के लिए कोल्हू चीन बनाया

में सामग्री पर कोल्हू

कोल्हू मूल्य भारत द्वारा प्रमाणित है

बिक्री के लिए कोल्हू आपूर्तिकर्ता पत्थर है

बिक्री rsa के लिए कोल्हू संयंत्र

कब्ज के लिए कोल्हू पत्थर कोल्हू

कोल्हू दक्षिण में बिक्री के लिए इस्तेमाल किया

कोल्हू चीन आपूर्तिकर्ता की

क्रशर प्लांट में और आसपास लगाए जाते हैं

क्रशर मालिकों ने हड़ताल को बंद कर दिया